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Mob lynching kya hai..

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भीर द्वारा पीट-पीट कर लोगो कि हत्या कर देने को मॉब लिंचिंग कहते हैं अर्थात भारत में पिछले कुछ वर्षों से इस तरह की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। इस तरह की घटनाएं भारत में लोगों को किसी चोरी के […]

भीर द्वारा पीट-पीट कर लोगो कि हत्या कर देने को मॉब लिंचिंग कहते हैं अर्थात भारत में पिछले कुछ वर्षों से इस तरह की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। इस तरह की घटनाएं भारत में लोगों को किसी चोरी के आरोप में में है या जाति विशेष के नाम पर या और भी कई कारणों से लोगों की हत्या कर दी जा रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी और तहसीन पूनावाला की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकार को कठिन कानून बनाने का निर्देश दिया है।

सर्वोच्च न्यायालय के नए दिशा निर्देशों के अनुसार पिछले 5 वर्षों में भीड़ द्वारा हिंसा करने वाले गांव या जिलों की पहचान कर वहां होने वाले घटनाओं की सही से जांच कर एफ आई आर दर्ज कर कार्रवाई करना है।

समाज में किसी जाति या धर्म विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने वालों पर धारा 153 ए के तहत कार्रवाई होगी।

सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप या फेसबुक या अन्य तरीके से अफवाह फैलाने और रोकथाम के लिए जरूरी कदम राज्य सरकारों को उठानी चाहिए जिसमें लोगों को अखबार न्यूज़ चैनलों साइन बोर्ड एवं सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों में जागरूक करना चाहिए।

भीड़ द्वारा हिंसा के मामलों का फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो एवं 6 महीने में केस का निपटारा हो तथा हिंसा के शिकार बने पीड़ितों के लिए मुआवजे की नीति बनाएं।

कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि वीर हिंसा फैलाने की आशंका हो तो सीआरपीएफ की धारा 12 के तहत दी गई शक्तियों का उपयोग करके अधिकारी उस भीड़ को हटाएंगे यदि अधिक इस कार्य में किसी तरह की लापरवाही या दिशा निर्देशों का पालन नहीं करती है तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई भी होगी।

कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वह भीड़ द्वारा हिंसा के शिकार पीड़ितो के लिए मुआवजाओं की नीति बनाए तथा पीड़ितों को अंतरिम मुआवजाओं का भुगतान 30 दिन के भीतर करें।

हिंसक घटनाओं में सोशल मीडिया की भूमिका

*  हालिया समय में सोशल मीडिया के ज़रिए फैली अफवाह तथाफेक न्यूज़ के कारण कई शहरों में लोगों की पीट-पीटकर मार देने की घटनाएं हुई है।

*  फेसबुक पर लोग द्वारा प्रति मिनट कुछ ना कुछ भददे कमेंट एवं पोस्ट होते रहते हैं आंकड़ों के अनुसार प्रति 30 मिनट में नकारात्मक पोस्ट को हटाने के लिए शिकायत दर्ज की जाती है।

*  कुछ लोगों की घटिया मानसिकता की वजह से हमारे देश की छवि खराब हो रही है क्योंकि जब यह लोगों जब यह लोग कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर करते हैं तो विदेशी पर्यटक जो भारत आना चाहते हैं तो हमारे देश के बारे में जानकारी सोशल मीडिया से लेते हैं अगर हमारे देश की छवि नकारात्मक बनी बनेगी तो विदेशी सैलानी भारत नहीं आएंगे जिससे हमारे देश के पर्यटन को काफी नुकसान होगा आपको यह बताना आवश्यक है कि हमारे देश में

* रिसर्च के अनुसार एक तथ्य यह सामने आया है 90% विदेशी पर्यटक भारत के बारे में जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से लेते हैं और यदि हमारे देश के बारे में एक सुनारी तस्वीर बनती है तो भारत में भ्रमण के लिए आते हैं।

मॉब लीचिंग के कारण

* पुलिस व्यवस्था या कानून व्यवस्था के कमजोर पड़ने के कारण

*  समाज में सामाजिक समरसता के कारण

* अपराधिक मामले के निपटारे में लेटल नीति के कारण

* हमारे देश में मोगली चीनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई विशेष कानून नहीं है।

Note:- हमारे देश में मॉब लीचिंग जैसी घटनाएं होने के कारण कुछ असामाजिक तत्व के द्वारा लोगों में सामाजिक दूरी बनवा कर धर्म या जाति विशेष को लेकर फेसबुक व्हाट्सएप या ग्रुप या समूह या संस्था का संगठन बना पर लोगों में फूट डालकर अपना राजनीतिक हित साधते हैं। उन्हें पता होता है कि भीड़ को सहारा लेकर किसी घटना को अंजाम देकर आसानी से बचा जा सकता है क्योंकि हमारे देश में इस तरह की घटना को लेकर कोई विशेष कानून नहीं है। कोई भी जांच धीमी या लापरवाही से होती है जिसकसे की पीड़ित को इंसाफ दिलाने में सालों लग जाते हैं जिसमें गवाह मर जाता है या मुकर जाता है,अधिकारियों का ट्रांसफर हो जाता है और केस बाद में  रफा-दफा हो जाता है।

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